Rajubhai marries Darshana

The mata pita of Darshana had arranged her shaadi to Rajubhai. In a swapna, the shabda of Bhagwan told him that Darshana was going to give janma to the Purushottam Avatar of Bhagwan. Rajubhai married Darshana but did not bring samapti to his marriage with Darshana until after Muktidatta took janma.


दर्शना की माता पित्त ने राजू भाई को अपनी शादी की व्यवस्था की थी। स्वप्न में भगवान के शब्दा ने उनसे कहा कि दर्शना भगवान के पुरुषोत्तम अवतार को जन्म देने जा रहे थे। राजू भाई ने दर्शन से विवाह किया लेकिन मुक्तिदात्ता के जन्म के बाद तक दर्शना के साथ अपने विवाह में सामप्त नहीं लाया।


দারশনের বাবা-মা রাজু ভাই সাথে বিয়ে করেছিলেন । এক দর্শনে, পরমেশ্বরের শাব্দ তাকে বলেছিলেন দর্শনে পরমেশ্বরের পুরুষোত্তম অবতারকে জান্মা দিতে যাচ্ছিলেন । রাজু ভাই বিয়ে করলেন দারসন I মুক্তি দত্তের জন্মের পর, রাজু ভাই তার বিয়েকেনির্জনবাস করেছিলেন।


दर्शना आमाबाबु राजु भाईलाईको उनको विवाहको व्यवस्था गरियो । एक स्वपना मा, भगवान को शाब्दा उनले भने, दर्शनाको भगवान के पुरुषोत्तम अवतार को जन्म दिन जाँदैछ । राजुभाईले दर्शनालाई विवाह गरे तर दर्शनाको साथमा आफ्नो विवाहलाई सामप्त नहीं लाया जब सम्म मुक्तिदात्ता जन्मियो।

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